छोटा बच्चा जान के ना कोई आँख दिखाना रे !!समझे ना !!
10/10/2016 -जब मैं 11 साल का था एक सामान्य बच्चे की तरह उछल कूद करना ,किसी ओर के घर जाके टीवी देखना मेरा मुख्य शौक था तभी मैंने एक फिल्म देखी थी नाम था मासूम !! उसमें देखा एक गीत मुझे बहुत पसंद था कल रात 11 वर्ष के दुनिया के सबसे युवा इंटरनेशनल मास्टर और सबसे खास- एक भारतीय प्रग्गानंधा का खेल देखकर और फिर आईएम सागर शाह का लेख पढ़कर मुझे वही गाना अनायास ही बार बार याद आ रहा है..छोटा बच्चा जान के ना कोई आँख दिखाना रे ,अक्ल का कच्चा जान के हमको ना समझाना रे.. भारत में हमेशा से प्रतिभाए मौजूद रही है और जरूरत रहती है पारखी नजरों की जो उन्हे सामने ला सके । आरबी रमेश भारतीय शतरंज के लिए एक वरदान की तरह है जो एक के बाद एक शानदार खिलाड़ी इस देश को दे रहे है । वाकई प्रग्गानंधा आपके भोलेपन , आपकी निडरता और ज्ञान देखकर एक बात बिलकुल साफ है आने वाला समय एक बार फिर भारत में बने इस खेल में भारतीयो के स्थान को और मजबूत करेगा ! आईएम सागर शाह के लेख से ही हिन्दी में इसे लिख रहा हूँ ..पढे इसे !!